Anoop khanna dadi ki rasoi story

Dadi ki rasoi (अनूप खन्ना कि कहानी दादी की रसोई)

Anoop khanna ki kahai dadi ki rasoi
Anoop khanna ki kahai dadi ki rasoi

हेलो दोस्तों –

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है! दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है। एक ऐसी कहानी कि जो दादी की रसोई ( Dadi ki rasoi ) के नाम से प्रसद्धि है!

दोस्तों मॅहगाई के इस ज़माने में सिर्फ पांच रूपये में पेट भरकर खाना कि बात सुनकर नामुकिन लगता है ! लेकिन भारत के अंदर एक ऐसे महान व्यक्ति मैजूद है। जिन्होंने इस सपने को सच करने का जिमा अपने सर पर उठाया है !

जी है. दोस्तों में बात कर रहा हु। नोएडा ( Noida ) में रहने वाले समाजसेवक अनूप खन्ना ( Anoop Khanna ) के बारे में जिन्होंने इंसान कि सबसे अहम् जरूरत खाने को इतना सस्ता उपलब्ध कराया है। कि गरीब से गरीब आदमी भीख मांगने से अच्छा पांच रूपये देकर आत्म समान के साथ खाना खा सकता है !

दरसल अनूप खन्ना नॉएडा में दादी कि रसोई के नाम से Food Stall चलाते है। जहाँ पर महज पांच रुपये में कोई भी व्यक्ति देशी घी से बना हुआ शुद्ध खाना खा सके. और अपने इस समाज सेवा से अनूप हर दिन सैकड़ो भूखे लोग को खाना उपलब्ध करते है !

Who is Anoop Khanna अनूप खन्ना कौन है ?

लेकिन दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम यह जानेगे कि समाज के लिये इतना अच्छा काम करने वाले अनूप खन्ना ( Anoop Khanna ) है. कौन और दादी कि रसोई कि शुरवात हुई कैसे।

दोस्तों अनूप खन्ना उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से बिलोंग करते है ! लेकिन 1980 के दशक में वह नोएडा आकर बस गये. और जहाँ पर उन्होंने दवा बेचने का काम शुर कर दिया। दोस्तों बात कि जाये दादी कि रसोई कि तो इसकी शुरवात अनूप खन्ना ने अगस्त 2015 में कि थी !

Dadi ki rasoi ki shurwat ( दादी की रसोई की शुरवात )
Dadi ki rasoi ki shurwat ( दादी की रसोई की शुरवात )

और इस काम को शुरू करने के पीछे अपनी माँ का बहुत बड़ा हाथ मानते है। दरसल अनूप का कहना है कि उनकी माँ कि उम्र जैसे – जैसे बढ़ रही थी। वैसे ही वैसे बिमारियों कि वजह से उनके खाने कि मात्रा कम होती जा रही थी। और फिर अनूप खन्ना कि माँ ने अपने हिस्से के खाने को गरीब और जरूरत मंदो को देने की इच्छा जाहिर कि।

और अपने माँ के सोच से प्रभावित होकर अनूप ने दादी कि रसोई की शुरवात कर दी और दोस्तों वैसे तो अनूप खन्ना का कहना है ! कि अलग – अलग देशो में और अलग – अलग सस्था के लोग भूख मरी को खत्म करने के लिए मेहनत कर रहे है ! लेकिन सच में इस समस्या को समाज से मुक्त करना है। तो हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी ! और कंधे से कन्धा मिलाकर इस क्षेत्रा में काम करना होगा !

How to start Dadi ki rasoi (दादी की रसोई की शुरवात कैसे हुई )

वैसे तो अनूप ने बताया कि दादी कि रसोई कि शुरवात करते समय अपने कुछ दोस्तों से आईडिया को शेयर किया। और उनमे से कुछ लोग तो इस कदम में साथ देने के लिये भी राजी भी हो गए थे ! लेकिन दोस्तों आमतौर पर समाज सेवा का जजबा लोगो में इतना लम्बा टिकता कहाँ है। और अलगे दिन इसे शुरवात कि बात आई तो अनूप के अलाव सभी ने कोई न कोई बहाना बना लिया !

और दोस्तों अनूप के इस कदम से सिर्फ गरीब लोगो का पेट भरना ही नही है। बल्कि अच्छी क्वालिटी का सेहदमंद खाना खिलाना है। वैसे तो शुरवाती समय में फ़ूड स्टाइल के जरिये 15 या 20 लोग ही खाना खा पाते थे ! लेकिन समय बिताने के साथ ही यह सख्या भी बढ़ता चला गया. और दोस्तों दादी की रसोई में आमतौर पर देशी घी के तड़के वाली दाल, चावल, अचार, रोटी और सब्जी उपलब्ध कराई जाती है !

और दिलचस्प बात यह है. कि सभी खाने फ़िल्टर पानी से बने होते है। और इस सहयोगी कदम में अनूप खन्ना का साथ देने के लिए बहुत सारे लोग उनके मदद भी कर रहे है !

और अंत में दोस्तों में आपसे यही कहना चाहुँगा कि दादी की रसोई की शुरवात करके अनूप खन्ना ने जो सहरानीय कदम उठाया है ! वह सच में काबिले तारीफ है। और हमें भी उनके इस कदम के जरिये सीख लेते हुए जरुरतमंदो को मदद करना चाहिए !


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