chandrayaan 2 mission in Hindi

चंद्रयान-2 क्या है,इसके अलग अलग घटक, और चन्द्रयान-2 का सफर कैसा होगा Chandrayaan-2 important components, Significance, Total Cost and it’s Journey in Space in Hindi

chandrayaan 2 mission in Hindi
chandrayaan 2 mission in Hindi

हेलो दोस्तों –

आप सब कैसे है ! आज के इस पोस्ट में हम चंद्रयान – 2 मिशन के बारे में जानेगे ! इस मिशन से हमें हर एक भारतीय को India की स्पेस एजेंसी ISRO गर्व करना चाहिए ! क्युकी उन्होंने बहुत ही काम बजट तथा बहुत काम समय में अचीवमेंट प्राप्त किया है ! चलिए हम चंद्रयान – 2 मिशन क्या है?, और उसके बारे में विस्तार से जानते है !

चंद्रयान-2 की क्या है,खासियत जाने हिंदी ?

इसमें 13 भारतीय पेलोड में 8 ऑर्बिटर, 3 लैंडर और 2 रोवर होंगे,इसके अलावा NASA का एक पैसिव एक्सपेरिमेंट होगा ! इसरो ने मिशन के बारे में यह जानकारियां जारी की हैं !हालांकि इन सभी पेलोड के काम को लेकर विस्तार से जानकारियां नहीं दी है !यह पूरा स्पेसक्राफ्ट कुल मिलाकर 3.8 टन वजनी होगा

चांद पर कहां जाएगा और कैसे काम करेगा यह मिशन?

ISRO के चेयरमैन के सिवान ने बताया था ! कि हम चांद पर एक ऐसी जगह जा रहे हैं,जो अभी तक दुनिया से अछूती रही है !यह है.चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव. वहीं अंतरिक्ष विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था ! कि इस मिशन के दौरान ऑर्बिटर और लैंडर आपस में जुड़े हुए होंगे।

इन्हें इसी तरह से GSLV MK III लॉन्च व्हीकल के अंदर लगाया जाएगा !रोवर को लैंडर के अंदर रखा जाएगा ! लॉन्च के बाद पृथ्वी की कक्षा से निकलकर यह रॉकेट चांद की कक्षा में पहुंचेगा !इसके बाद धीरे-धीरे लैंडर, ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा।

इसके बाद यह चांद के दक्षिणी ध्रुव के आस-पास एक पूर्वनिर्धारित जगह पर उतरेगा ! बाद में रोवर वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए चंद्रमा की सतह पर निकल जाएगा।

[ 1 ] ISRO की बायोग्राफी हिंदी में [ 2 ] कंप्यूटर क्या है.और इसे किसने बनाया जाने हिंदी में [ 3 ] ब्लॉग्गिंग से पैसे कैसे कमाये जाने हिंदी में

चंद्रयान -2 मिशन क्या है,जाने हिंदी में chandrayaan 2 mission in Hindi

chandrayaan – 2 mission in hindi,chandrayaan – 2 mission details in hindi, chandrayaan 2 information in hindi, chandrayaan 2 information in short in hindi, chandrayaan – 2, chandrayaan – 2 kya hai, chandrayaan – 2 mission ke baare me

चांद की सतह को छूने से पहले क्या होगा?

धरती और चंद्रमा के बीच की दूरी लगभग 3 लाख 84 हजार किलोमीटर है !लॉन्चिंग के बाद चंद्रमा के लिए लंबी यात्रा शुरू होगी। चंद्रयान-2 में लैंडर-विक्रम और रोवर-प्रज्ञान चंद्रमा तक जाएंगे ! चांद की सतह पर उतरने के 4 दिन पहले रोवर ‘विक्रम’ उतरने वाली जगह का मुआयना करना शुरू करेगा ! लैंडर यान से डिबूस्ट होगा !

विक्रम’ सतह के और नजदीक पहुंचेगा ! उतरने वाली जगह की स्कैनिंग शुरू हो जाएगी और फिर 6-8 सितंबर के बीच शुरू होगी लैंडिंग की प्रक्रिया !लैंडिंग के बाद लैंडर (विक्रम) का दरवाजा खुलेगा और वह रोवर (प्रज्ञान) को रिलीज करेगा !

रोवर के निकलने में करीब 4 घंटे का समय लगेगा !फिर यह वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए चांद की सतह पर निकल जाएगा ! इसके 15 मिनट के अंदर ही इसरो को लैंडिंग की तस्वीरें मिलनी शुरू हो जाएंगी।

क्या होती है सॉफ्ट और हार्ड लैंडिंग?

चांद पर स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग दो तरीके से होती है- सॉफ्ट लैंडिंग और हार्ड लैंडिंग !सॉफ्ट लैंडिंग में स्पेसक्राफ्ट की स्पीड को धीरे-धीरे कम करके आराम से चांद पर लैंड करवाया जाता है ! हार्ड लैंडिंग में स्पेसक्राफ्ट को चांद की सतह पर क्रैश करवाया जाता है.

सोवियत संघ के लुना 2 मिशन में स्पेसक्राफ्ट को चांद पर हार्ड लैंडिंग करवाई गई. 1962 में अमेरिका ने अपने रेंजर 4 मिशन में इसी तरह की लैंडिंग करवाई थी ! उसके बाद ब्रेकिंग रॉकेट्स की मदद से चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग शुरू हुई ! इसमें रॉकेट की मदद से स्पेसक्राफ्ट की स्पीड कम करके सॉफ्ट लैंडिंग होती है.

रॉकेट स्पेसक्राफ्ट की गति की दिशा के विपरित में छोड़ा जाता है ! ताकि उसकी वजह से स्पेसक्राफ्ट के गति में रुकावट पैदा हो और उसकी स्पीड कम हो जाए.

चांद पर मानवों के बसने का खुलेगा रास्ता !

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्षयात्री जेरी लिनेंजर का कहना है,कि भारत का यह चंद्र अभियान केवल उसकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षमता ही नहीं बढ़ाएगा, बल्कि इससे चांद पर मानवों के बसने का रास्ता भी खुलेगा !

chandrayaan -2 यहां पानी की पुष्टि करेगा। अगर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी हुआ तो मानव अभियानों के लिए वह क्षेत्र काफी उपयुक्त हो सकता है। लिनेंजर नेशनल जियोग्राफिक चैनल द्वारा चंद्रयान-2 की लैंडिंग के सीधे प्रसारण के कार्यक्रम में हिस्सा लेने भारत आए हैं।

Benefits of Chandrayaan-2 in Hindi (चंद्रयान-2 के लाभ )

Benefits of Chandrayaan-2
Benefits of Chandrayaan-2

“चंद्रयान-2” से भारत देश को होने वाले लाभ –

  1. धरती के बाद चांद पर भौगोलिक आधिपत्य की होड़ में भारत अग्रणी बनकर उभरेगा.
  2. फ्रांस का अमेरिका के बाद भारत भी सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण स्पेस कमांड वाला देश बन सकता है.
  3. ISRO की शक्तिशाली रॉकेट व भारी-भरकम पेलोड छोड़ने की क्षमता का दुनिया को पता चला.
  4. संचार, सेंसर प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में ISRO की क्षमता का प्रदर्शन होगा
  5. 2022 में प्रस्तावित भारत के अंतरिक्ष में मानव मिशन ” गगणयान मिशन ” का रास्ता साफ होगा.
  6. चांद पर मिशन भेजने वाले तीन ताकतवर देशों के क्लब का चौथा सदस्य बन जाएगा.
  7. चंद्रयान-2 में रखे गए पेलोड से मिलने वाले डाटा से वहां पानी और खनिजों की मौजूदगी का पता चलेगा जिससे वैज्ञानिक प्रयोग शुरु होंगे. 

और भी बाते जाने चंद्रयान – 2 मिशन के बारे में हिंदी –

[1 ] चंद्रयान 2 मिशन का कुल खर्च हिंदी में जाने [ 2 ] chandrayaan – 2 डिटेल्स हिंदी में [ 3 ] चंद्रयान – 2 विकिपीडिया हिंदी में [ 4 ] चंद्रयान – 2 लेटेस्ट न्यूज़ जाने हिंदी में

निवेदन –

आपको चंद्रयान – 2 मिशन की जानकारी हिंदी में अच्छे तरह से मिल गया होगा ! चंद्रयान – 2 मिशन को बनाने में तथा प्रोजेक्ट तैयार करने में जिसका योगदान है ! वह भारत की दो महिल है. जिन्होंने ने इस प्रोजेक्ट को बनाने में तथा लांच करने अपना बहुत बड़ा योगदान दिया है। हम उनके बारे में बायोग्राफी जल्द लेकर आएंगे ! अगर आप उन आर्टिकल को मिस नहीं करना चाहते है. तो हमे subscribe करना न भूले !

अगर आपके पास कोई इनफार्मेशन हिंदी मे है. तो आप हमें शेयर कर सकते है !आप हमारी website के लिए कुछ लिखना चाहते है ! तो आप लिख सकते है. paid तथा free दोनों में उपलब्ध है ! नीचे लिंक आपको मिल जायेगा।

लिंक

– – – – थैंक्स फॉर रीडिंग – – – –


You may also like...

Leave a Reply