Chris gardner story

Charie gardner –

टॉयलेट में राते गुजाकर भी कैसे बने ” क्रिस गार्डनर “ ( Chris gardner ) एक करोड़पति ?

Chris gardner story
Chris gardner

हेलो दोस्तों –

मेरे ब्लॉग पर आप सभी लोगो का स्वागत है ! दोस्तों आज में एक ऐसे सफलता कि कहानी के बारे में बात करने जा रहा हु ! जिसकी कहानी सुनकर आप भी सायद यकीन नही करेंगे , क्युकी मैंने भी जब इस कहानी के बारे में पढ़ा तो मुझे भी यकीन नहीं हुआ कि कैसे एक इंसान अपने जीवन में सफलता पाने के लिए इस हद तक जा सकता है !में बात कर रहा हु। Chris gardner कि जो अमेरिका के मल्टी मिलेनियर है !

क्रिस गार्डनर कहानी ( chris gardner story )

दुनिया में आपको बहुत सारे ऐसे लोग मिल जाएगे , जो न सिर्फ अपने देश के लिए बल्कि दुनिया भर के लोगो के लिए सफलता कि एक मिसाल है ! आज लोगो को केवल उनकी सफलता और उनका ऊंचा रुतबा ही दिखता है, मगर बहुत काम ऐसे लोग होते है। जो उनकी सफलता के पीछे के संघर्ष व मेहनत के बारे में जानकरी रखते है !

आज में एक ऐसे ही शख्स की जीवन के कहानी के बारे में बात करुँगा। जिनके अटूट हौसलों के आगे मुश्किलों ने भी अपने घुटने टेक दिये ! हम बात कर रहें हैं अमेरिका के मल्टी मिलेनियर क्रिस गार्डनर की.

क्या आप जानते हैं कि एक समय पर क्रिस अमेरिका की सड़कों, पब्लिक टॉयलट और चर्च के अनाथआल्यों में सो कर अपना गुजारा करते थे?

हालांकि अपनी मेहनत की बदौलत आज वह एक मिलेनियर हैं. चलिए जानते हैं क्रिस गार्डनर की सफलता की कहानी के बारे में.

क्रिस गार्डनर कि बचपन की कहानी ( story of chris gardner )

क्रिस गार्डनर का जन्म 9 फ़रवरी 1954 को अमेरिका के मिलवॉकी शहर में हुआ। क्रिस का बचपन काफी मुश्किल में बीता , उन्होंने अपने असली पिता को नही देखा था !

और उनके सौतेले पिता फ्रेडी ट्रिपलेट अक्सर उनकी माँ और उन्हें किसी न किसी बात के चलते मारते – पीटते रहते थे !

इसी प्रकार धीरे – धीरे समय बीतता गया , और हर दिन क्रिस और उनकी माँ कि जिंदगी बदतर होती जा रही थी ! इसी बीच एक दिन क्रिस के पिता ने उनकी माँ को जिंदा जलाने कि कोशिश कि.

लेकिन क्रिस कि माँ बच गई और फिर उनके पिता को पोलिस ने गिरपतार कर लिया। इसके कुछ समय के बाद क्रिस सैन फ्रांसिस्को चले गए !

क्रिस गार्डनर के आगे का जीवन –

क्रिस फ्रांसिस्को में अपने आगे का जीवन बिताया और उन्होंने एक ग्रिलफ्रेंड भी बनाई। जिसका नाम लिंडा था !

दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे। थोड़े ही दिनों में उन्होंने शादी कर ली लिंडा से उन्हें एक बेटा हुआ जिसका नाम क्रिस्टोफर रखा गया। हलाकि शादी के बाद भी क्रिस कि जिंदगी कुछ खास बेहतर नही थी !

अपने परिवार को पालने के लिए वह एक छोटे से सेल्समैन कि नौकरी करते थे ! वह एक प्रिटिंग मशीन को बेचते थे। और इसे बेचने के बाद मिलने वाली थोड़ी सी कमीशन और कम सैलरी में वह जैसे तैसे अपना जीवनयापन करते थे ! हर दिन क्रिस अपने परिवार के जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते थे.

उनकी पत्नी लिंडा ने एक लंबे समय तक उनका साथ दिया मगर अब उनका संयम भी जवाब देने लगा और उन्होंने क्रिस से अलग होने का फैसला कर लिया. हालांकि क्रिस ने लिंडा को रोकने की बहुत कोशिश की, मगर लिंडा नहीं रुकी और क्रिस व क्रिस्टोफर को छोड़कर चली गईं.

लिंडा के जाने से क्रिस काफी टूट गए, लेकिन वह कमजोर नहीं पड़े क्योंकि छोटे क्रिसटोफर की देखभाल की जिम्मेदारी अब उनके अकेले के कंधों पर थी.

एक पल ने बदल दिया क्रिस गार्डनर कि जिंदगी का नजरिया –

अपने जीवन को सुधारने के लिए क्रिस ने बहुत सी अलग – अलग नौकरिया कि मगर उन्हें कही भी सफलता नही मिल रही थी ! इसी बीच क्रिस के जीवन में एक ऐसा पल आया जिसने उनके जीवन को एक अलग ही नजरिया और रस्ता दिखाया। यह पल था ! जब क्रिस ने सड़क के किनारे एक सूट – बूट पहने शख्य को उसकी लाल रंग कि फरारी से उतरते देखा।

उस व्यक्ति को देखकर क्रिस इतना प्रभावित हुआ कि क्रिस से रहा नही गया और सीधा उस व्यक्ति के पास जाकर और पूछा कि वह काम क्या करते है ! जवाब में उस व्यक्ति ने बताया कि वह एक स्टॉक ब्रोकर है। और 80,000 डॉलर प्रति महीने कमाते है ,

यह सुन कर क्रिस इस कदर प्रभावित हुए कि उसी वक्त उन्होंने फैसला कर लिया कि अब वह भी अपना करियर स्टॉक मार्किट में ही बनाएंगे ! अब उनकी जिंदगी का मकसद यह था ! कि वह भी एक दिन ऐसे व्यक्ति जैसे बनेंगे.

हालांकि यह सब इतना भी आसान नहीं होने वाला था. ऐसा इसलिए क्योंकि वक्त लगातार क्रिस की परीक्षा लेने में लगा हुआ था. पैसों की कमी के चलते हर दिन के साथ क्रिस और उनके बेटे की जिंदगी बदतर होती जा रही थी.

यह तो सिर्फ शुरुआत थी ! क्योंकि बड़ी परेशानी तो अब आने वाली थी. गलत जगह पर अपनी गाड़ी पार्क करने के चलते क्रिस पर पार्किंग का जुर्माना पड़ गया. इसे न चुकापाने के चलते क्रिस को जेल में एक रात भी गुजारनी पड़ी. वो भी उनके इंटरव्यू से ठीक एक रात पहले!

रेलवे टॉयलेट में सो कर गुजारी थी रातें –

जेल में रात गुजारने के बाद अगली सुबह क्रिस के पास इतना समय नही था ! कि वह सूट पहनकर इंटरव्यू में जा सकें, इसीलिए वह गंदे, कपडे पहनकर ही इंटरव्यू देने के लिए चले गए। इस दौरान इंटरव्यू ले रहे मार्टिन फरोम ने क्रिस से पूछ कि वह ऐसे कपड़ो में यहाँ क्यों आये है !

क्रिस ने कुछ भी न छिपाते हुए उन्हें सबकुछ सच बता दिया। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्टॉक ब्रोकर के तौर पर अपना करियर बनाने के लिए कितने उत्साहित है ! क्रिस के जवाब को सुनकर इंटरव्यू लेने वाला बहुत इम्प्रैस हुए, और उन्हें ट्रैनिंग प्रोग्राम में शामिल कर लिया !

हलाकि इस ट्रैनिंग प्रोग्राम में क्रिस को बेहद कम वेतन मिलता था ! इसमें क्रिस और उनके बेटे का गुजार कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा था !

पैसों की कमी के चलते उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा. वह जो पैसे कमाते थे उससे अपने बेटे को सुबह के एक देखभाल केंद्र में भेजते थे, ताकि वह उस समय में अपनी ट्रेनिंग ले सकें. घर न होने के चलते क्रिस को ज्यादातर अपनी रात बेघरों के आश्रमों में गुजारनी पड़ती थी.

कई बार तो हालात इतने बदतर थे कि वह रेलवे स्टेशन के बाथरूम  में सोकर अपना गुजारा करते थे. इतनी परेशानियों के बाद भी क्रिस ने हार नहीं मानी. वह अपने ट्रेनिंग प्रोग्राम को बड़ी मेहनत से करते गए इस उम्मीद में कि एक दिन उन्हें अच्छी नौकरी मिलेगी और फिर सब कुछ ठीक हो जाएगा

हौंसले के आगे हारी मुश्किल –

क्रिस के ट्रेनिंग प्रोग्राम में अन्य सभी लोगो से ज्यादा मेहनत और काम करते थे ! उन्होंने हमेशा सोचा कि उनके पास हारने का कोई विकल्प ही नही ही। उन्हें सिर्फ जीतना है , और आखिरकार उन्होंने अपनी मंजिल प् ही लिया !

ट्रेनिंग प्रोग्राम ख़त्म होने के बाद आखिरकार क्रिस की मेहनत रंग लाई और उन्हें कंपनी में स्टॉक ब्रोकर की जॉब मिल गई और अपनी मेहनत की बदौलत कुछ सालो बाद क्रिस ने 10,000 डॉलर से अपनी खुद कि कंपनी खोली, जो आज बेहद सफल है !

आज क्रिस गार्डनर का नाम अमेरिका के मल्टी मिलिनियर लोगों में शुमार है. वह कई तरह की चैरिटी चलाते हैं. साथ ही अब वह एक मोटिवेशनल स्पीकर है, जो लोगों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.

क्रिस गार्डनर कि किताब

अपनी मंजिल को पाने के बाद अपने जीवन के इस संघर्ष को क्रिस ने शब्दों के जरिये कागज पर उतारा और अपनी आत्मकथा ‘द परस्युट ऑफ हैपिनेस’ को लोगों के सामने रखा. क्रिस के जीवन की कहानी को निर्देशक गैबरील्ले मुस्सिनों ने साल 2006  में बड़े पर्दे पर उतारा. इसका नाम उनकी किताब ‘द परस्युट ऑफ हैपिनेस’  पर ही रखा गया.

क्रिस गार्डनर कि मूवी ( chris gardner movie )

'द परस्युट ऑफ हैपिनेस' मूवी
‘द परस्युट ऑफ हैपिनेस’ मूवी

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