Holi Festival 2019 in Hindi

Holi Festival 2019 in Hindi

हेलो दोस्तों

मेरे ब्लॉग पर आप सभी लोगो का स्वागत है ! दोस्तों , सबसे पहले तो आप सभी को होली की बहुत सारी शुभकामनायेHappy Holi , होली का त्यौहार पुरे भारत देश में ही नहीं बल्कि अन्य देशो में भी बड़ी धूम – धाम से मनाया जाता है। होली का त्यौहार मतलब रंगो का त्यौहार जैसे – अगल – अगल रंग एकसाथ मिलकर इस त्यौहार में रंग भर देते है ! वैसे ही हमें अपने दिलो की कड़वाहट को मिटाकर और दिलो में प्यार भरकर जीवन को जीना चाहिए ! आज इस त्यौहार के मौके पर में आप लोग कुछ होली के बारे बाते बताउगा जैसे – होली क्यों मनाया जाता है ,होली किस- किस देश में मनाया जाता है ! इत्यादि चलो शुरू करते है। so lets begin

Mythological story of Holi होली की कहानी –

हर त्यौहार की अपनी एक कहानी होती है , जो धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होती है ! होली के पीछे भी एक कहानी है, एक हिरण्यकश्यप नाम का राजा था , जो खुद को सबसे अधिक बलवान समझता था ! इसीलिए वह देवताओ के भगवान विष्णु का नाम सुनना भो पंसद नहीं था। लेकिन उसका पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था !

यह बात हिरण्यकश्यप को बिलकुल पसंद नहीं थी , वह कई तरह से अपने पुत्र को डराता था। और भगवान विष्णु की उपासना करने से रोकता था ! पर प्रहलाद एक नहीं सुनता , उस बालक को अपने भगवान की भक्ति में लीन रहता था। इस सबसे परेशान होकर एक दिन हिरण्यकश्यप ने एक योजना बनाई

हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था ! की उसे अग्नि जला नही सकती हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से कहा की तुम प्रहलाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने को कहा , और प्रहलाद अपनी बुआ के साथ गोद में बैठ गया। और अपने भगवान की भक्ति में लीन हो गया ! तभी अचानक होलिका जलने लगी और आकाशवाणी हुई ,

जिसके अनुसार होलिका को याद दिलाया गया , कि अगर वह अपने वरदान का दुरप्रयोग करेगी , तब वह खुद जल कर राख हो जाएगी और ऐसा ही हुआ , प्रहलाद का अग्नि कुछ नहीं बिगाड़ पाई , और होलिका जल कर भस्म हो गई , इसी तरह प्रजा ने हर्षाल्लास से उस दिन खुशियाँ मनाई और आज तक उस दिन को होलिका दहन के नाम से मनाया जाता है ! और अगले दिन रंगो का त्यौहार मनाया जाता है !

Mythological story of Holi
Mythological story of Holi

लेकिन रंग होली का भाग कैसे बना ?

यह कहानी भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण के समय तक जाती है ! माना जाता। है कि भगवान कृष्ण रंगो से होली मनाते थे , इसीलिए होली का त्यौहार रंगो के रूप में लोकप्रिय हुआ। वे वृंदावन और गोकुल में अपने साथियों के साथ होली मनाते थे। वे पूरे गांव में मज़ाक भरी शैतानियां करते थे। आज भी वृंदावन जैसी मस्ती भरी होली कहीं नहीं मनाई जाती। होली वसंत का त्यौहार है और इसके आने पर सर्दियां खत्म होती हैं। कुछ हिस्सों में इस त्यौहार का संबंध वसंत की फसल पकने से भी है। किसान अच्छी फसल पैदा होने की खुशी में होली मनाते हैं। होली को ‘वसंत महोत्सव’ या ‘काम महोत्सव’ भी कहते हैं।

How to Celebrate Holi कैसे मानते है ,होली

होली का त्यौहार पुरे भारत में मनाया जाता है। लेकिन उत्तर भारत में इसे अधिक उत्साह से मनाया जाता है ! होली का त्यौहार देखने के लिए लोग ब्रज , वृंदावन , गोकुल जैसे स्थानों जाते है , इस जगहों पर यह त्यौहार कई दिनों तक मनाया जाता है ! ब्रज में ऐसी प्रथा है , जिसमे पुरषा महिलाओपर रंग डालते है ! और महिलाए उन्हें डंडे से मारती है। यह एक बहुत ही प्रशिद्ध प्रथा है. जिसे देखने के लिए लोग उत्तर भारत जाते है।

मध्य भारत एवम महाराष्ट्र में रंग पच्च्मी का अधिक महत्व है। लोग टोली बनाकर रंग , गुलाल लेकर एक दूसरे के घर जाते है। और एक दूसरे को रंग लगते है ! और कहते है , ” बुरा न मानो होली है “ मध्य भारत के इंदौर शहर में होली की कुछ अगल हो धूम होती है। इसे रंगो पच्च्मी की “गौर कहा जाता है” और नाचते गाते त्यौहार का आंनद लिया जाता , इस तरह के आयोजन के लिए 15 दिन पहले से ही तैयारियां की जाती है !

रंगो के इस त्यौहार को “फाल्गुन महोत्सव” भी कहा जाता है, इसमें पुराने गीतों को ब्रज की भाषा में गाया जाता. भांग का पान भी होली का एक विशेष भाग है. नशे के मदमस्त होकर सभी एक दुसरे से गले लगते सारे गिले शिक्वे भुलाकर सभी एक दुसरे के साथ नाचते गाते है. होली पर घरों में कई पकवान बनाये जाते है. स्वाद से भरे हमारे देश में हर त्यौहार में विशेष पकवान बनाये जाते है!


Holi festivals 2019 date वर्ष 2019 में होली कब है? –

हिंदी पंचाग के अनुसार फाल्गुन की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन होता हैं और चैत्र की प्रथमा के दिन रंग खेला जाता हैं. होली दो दिन का त्यौहार हैं पहले दिन होली जलाई जाती हैं, जिसे होलिका दहन अथवा छोटी होली कहते हैं और दूसरा दिन होली मनाने का होता हैं जिसे पानी, रंगों एवं फूलो से मनाया जाता हैं.

वर्ष 2019 में होलिका दहन व छोटी होली 20 मार्च 2019, दिन बुधवार को है एवम 21 मार्च 2019, दिन गुरुवार को धुलेंडी मनाई जायेगी.

होलिका दहन का मुहूर्त :- 20:58 से 24:34

समय अवधि :- 3 घंटा 36 मिनट

Holi Shayari होली शायरी –

  • ” रंगो से भरी इस दुनिया में , रंग रगीला त्यौहार है !
  • होली ‘
  • गिले शिक्वे भुलाकर खुशियाँ मनाने का त्यौहार है ,
  • होली ‘
  • रंगीन दुनिया का रंगीन पैगाम है , होली , हर तरफ यही धूम है मची ” बुरा ना मानो होली है
  • होली “–

दोस्तों आपको यह� Holi festival Story � कैसी लगी वह आप हमें comment  करके जरूर बताया प्लीज  इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका  धन्यवाद आशा है की आपको यह जानकारी लाभदायक लगी होगी यदि लगी हो तो प्लीज इसे शेयर करे अपने दोस्तों के साथ और हमे subscribe करना मत भूलिये अगर आपका कोई मन पसंद स्टोरी जानना है तो आप हमें कमेंट या ईमेल के माध्यम से सम्पर्क कर सकते है !

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1 Response

  1. bahut hi accah informantion tha
    thanku sir

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